Poem 2

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12/14/20251 min read

एतबार

आज जब इस्राईल और फ़िलिस्तीन

एक दूसरे पर मिसाइल दाग़ रहे हैं

मेरी बेटी और उसके दोस्त अपनी यूनिवर्सिटी के

किसी शांत कोने में

एक घेरे में बैठकर

इस शाम को कुछ हसीन बना रहे हैं

वे मिलकर प्रेम गीत गा रहे हैं

उनका यौवन आनेवाले कल के

अमन- ओ- चैन पर एतबार करता है

अपने सपनों पर पीठ टिकाए

मुस्कुराता हुआ बैठा है

और गुनगुना रहा है।

संवेदना , २०२३